मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है


सुना था कभी बचपन में "खुदी को कर इतना बुलंद बन्दे, की हर तकदीर से पहले, खुदा तुझ से पूछे बोल तेरी रजा क्या है" जो लोग सफलता पाने के लिए जद्दोजहद करते रहते हैं ये लाइनें उन पर फिट बैठती हैं. खुद को उसी धारा से जोड़कर चल पड़े हैं, अभी रास्ते में हूँ यही कहना ठीक है. सफलता के चरम को पा सकेंगे ये जुनून है दिल में, अभी इन्तजार है सही वक्त का. जब स्थितियां अनुकूल न हों, तो सही वक्त का इंतजार करना चाहिए, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप हाथ पर हाथ धरे बैठे रहें। मुश्किल वक्त का प्रयोग खुद को मजबूत करने में करना चाहिए। स्लो-डाउन से तो लगभग सभी क्षेत्र प्रभावित हुए हैं, मेरा ये ब्लॉग एक कोशिश है, खुद को, अपने विचारो को दूसरों से विनिमय करने की. आपकी आलोचना भी सह सकता हूँ, क्योंकि मेरा मानना है की हमारे प्यारे आलोचक भी हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं, प्रेरणा देने के लिए बस जरूरत है लेख के धरातल पर टिप्पणी नामक अंगूठा लगाने की. इसी उम्मीद के साथ आपका मेरे ब्लॉग पर स्वागत है.....

बुधवार, 16 फ़रवरी 2011

अगस्त २००६ में सत्य प्रहरी में प्रकाशित


सितम्बर 2006 में प्रकाशित मेरे द्वारा डिजाइन किया हुआ अंक


अगस्त 2006 में प्रकाशित मेरे द्वारा डिजाइन किया हुआ अंक


२००६ मई में प्रकाशित मेरे द्वारा डिजाइन किया हुआ अंक


अगस्त २००६ में सत्य प्रहरी में प्रकाशित


सितम्बर 2006 में प्रकाशित मेरे द्वारा डिजाइन किया हुआ अंक


अगस्त 2006 में प्रकाशित मेरे द्वारा डिजाइन किया हुआ अंक


२००६ मई में प्रकाशित मेरे द्वारा डिजाइन किया हुआ अंक